आख़िर ये बुलडोजर होता क्या है? | What is this bulldozer?

आखिर ये बुलडोजर होता क्या है?

Bulldozer

इन दिनों भारत में बुलडोजर और बुलडोज़र बाबा Bulldozer and Bulldozer baba की बहुत चर्चा हो रही हैं कभी यूपी चुनाव में योगी जी के प्रमुख प्रचार यंत्र के रूप में तो कभी मध्यप्रदेश और दिल्ली में अवैधानिक कंस्ट्रक्शन को डिमोलिश करने के संदर्भ में और हद तो तब हो गई जब भारत यात्रा पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जेसीबी कंपनी के बुलडोजर पर बैठकर गुजरात का दौरा किया मिमस की दुनिया आजकल बुलडोजर के मिमस से पटी पड़ी है।

यूपी के मुख्यमंत्री को “बाबा बुलडोजर” जैसे उपनामों से पुकारा जाने लगा है,  तो आईए जानते हैं कि आखिर ये बुलडोजर है क्या? कहाॅं से आया ? क्यों आया ? और किस काम आता है ? इस तरह के तमाम सवालों के जवाब जानने कि कोशिश करते हैं।

बुलडोजर एक ऐसी मशीन के तौर पर उपयोग में आता है जो भूमि को समतल करनें, बड़ी इमारतो को ढहाने, पत्थरों को तोड़ने इत्यादि में काम आता है। इसके अग्र भाग में एक बहुत बड़ा चपटा धातु का उपकरण एक विशेष आकृति के साथ लगा होता है जो आसानी से पत्थरों को तोड़ सके।

अगर हम बुल्डोजर का अर्थ समझने की कोशिश करें तो आसान भाषा में इसे सांड की जैसी ताकत रखने वाले यंत्र के रूप में समझ सकतें हैं।

बुल्डोजर का संक्षिप्त इतिहास

बुल्डोजर की शुरुआत को जानने की कोशिश कै क्रम में हम जान पाएंगे कि इसकी शुरुआत 1880 के दशक में हुई जो कृषि कार्यों के लिए  ट्रैक्टर के साथ इस्तेमाल मे लाया गया।

1904 में पहला बुल्डोजर कैलिफोर्निया के एक किसान बेंजामिन होल्ट ने बनाया पर एक बड़े और व्यवसायिक पैमाने पर बुल्डोजर बनाने की शुरुआत अमेरिका के आयोवा में एक किसान जेम्स कमिंग्स ने एक इंजीनियर जे अर्ल मैक्लियोड के साथ मिलकर की इन्होंने ही पहले आधुनिक बुल्डोजर को उसका स्वरूप प्रदान किया।

मुख्य रूप से बुलडोजर दो ही प्रकार के होतें हैं।

(1)    ब्लेड बुलडोजर

(2)     रिपर बुलडोजर

ब्लेड बुलडोजर

ब्लेड बुलडोजर मुख्यत: मलबा उठाने के काम आता है इसके अगले हिस्से में लोहे का ब्लेड लगा होता है ये ब्लेड तीन प्रकार के होते हैं सीधा ब्लेड , यू ब्लेड,और एस यू ब्लेड।

रिपर बुलडोजर

इस तरह के बुलडोजर के अगले हिस्से में पंजे जैसे धातु के यंत्र लगे होते हैं जो खुदाई करने के काम में मदद करते हैं।

बुलडोजर बनाने वाली मुख्य कंपनियाॅं:-

लियूगोंग :- (चीन)

शांतुई:-(चीन)

कोमात्सु:-जापान

लोसान:- (अमेरिका)

जान डीरे :- ( अमेरिका)

कैटरपिलर:-(अमेरिका)

बुलडोजर का मायलेज:-

एक बुल्डोजर चूॅंकि एक ही जगह खड़े खड़े काम करता है इसलिए इसका मायलेज प्रति घंटा के हिसाब से ज्ञात किया जाता है जो बुलडोजर एक लीटर ईंधन में 4-6 घंटे लगातार काम करतें हैं उन्हें भारत में एक अच्छे एवरेज का बुलडोजर माना जाता है। भारत में जेसीबी कंपनी का 2DX माॅडल काफी लोकप्रिय है।

बुलडोजर के काम के आधार पर कुछ अन्य प्रकार :-

क्राॅलर बुलडोजर :- इसका इस्तेमाल भारी चीजों को खिसकाने के काम आता है

व्हील बुलडोजर:- इन बुलडोजरों का इस्तेमाल मुख्यत: हाईवे निर्माण के कार्यों में किया जाता है

मल्चर बुलडोजर:-इस तरह के बुलडोजर का उपयोग जंगलों में किया जाता है

शिप होल्ड बुलडोजर:- इन बुलडोजरों को बंदरगाहों पर सामान की लोडिंग व अनलोडिंग के काम में लाया जाता है

हाइब्रिड बुलडोजर:- ये बुलडोजर किसी भी मौसम में किसी भी जगह कार्य करने की क्षमता रखतें हैं

मिनी बुलडोजर:- कुछ कंपनियां अपने छोटे-मोटे सामान को इधर उधर ढोने के लिए इस तरह के बुलडोजर को काम में लाती हैं

जेसीबी तथा बुलडोजर में अंतर

जेसीबी को आमतौर पर आमजन मानस में बुलडोजर ही समझ लिया जाता है जबकि ये एक भारी चूक है।

बुलडोजर एक भारी भरकम मशीन है जो मलबे को ढोने, पत्थरों को तोड़ने और जमीन को समतल करनें जैसे कामों के लिए इस्तेमाल होती है।

जबकि जेसीबी एक ब्रिटिश कंपनी है जोकि “अर्थमोविंग अर्थात एक्सकेवेटर मशीनें बनाती है इन मशीनों को बेकहो लोडर भी कहा जाता है भारत में ये बेकहो लोडर मशीनें ही जेसीबी के लोगो के साथ दिखती हैं इसलिए लोग इनको बुलडोजर समझ लेते हैं जबकि ये बुलडोजर नहीं होती मगर इन्हें खनन, खुदाई इत्यादि के काम में इस्तेमाल जरूर किया जाता है।

बुलडोजर की भारत में अचानक लोकप्रियता और जानिए बुलडोज़र बाबा के बारे में 

बुलडोजर की चर्चा भारत में अचानक तब शुरू हुई जब भारत के राज्य उत्तर प्रदेश में वहाॅं के तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के नाम पर अपराधियों व माफियाओं के घरों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया और 2022 के चुनाव में इस बात को खूब ज़ोर शोर से प्रचारित किया। चुनावी परिणामों में भाजपा को दुबारा बहुमत प्राप्त हुआ और योगी आदित्यनाथ को “बाबा बुलडोजर” के नये नाम के साथ उनको उपहार स्वरूप लोग सिम्बोलिक प्लास्टिक और लोहे लकड़ी इत्यादि के बुलडोजर गिफ्ट करने लगे। देश में इसकी चर्चा अलग तरह से शुरू हुई और इससे प्रभावित होकर अन्य राज्यों में भी मुख्यमंत्री इसका इस्तेमाल करने लगे। मध्यप्रदेश में एक उपद्रव के बाद वहां के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उपद्रव में संलिप्त लोगों के घरों पर बुलडोजर चलवा दिया। इन्हीं घरों में एक घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना था जो ढहा दिया गया इससे टीवी पर एक बार फिर बुलडोजर चर्चा का केंद्र बन गया और ये चर्चा मध्यम हुई भी ना थी कि देश की राजधानी दिल्ली में अवैधानिक कंस्ट्रक्शन का हवाला देते हुए जहांगीरपुरी में कुछ घरों और दुकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के स्टे आर्डर को दरकिनार करते हुए इस प्रकरण में वामपंथी नेता वृंदा करात ने जाकर बुलडोजर के आगे खड़े हो तोड फोड़ को रूकवाया और ये बात पूरे देश में फिर से बुलडोजर को चर्चा के केंद्र में ले आई।

— By Saurabh Singh

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