मिर्ज़ा ग़ालिब के टॉप शेर

मिर्ज़ा ग़ालिब के टॉप शेर शेर नबंधे तिश्नगी-ए-ज़ौक़ केमज़मूँ ‘ग़ालिब’ गरचेदिल खोल के दरिया कोभी साहिल बाँधा मिर्ज़ाग़ालिब शेर मुज़्महिलहो गए क़वा ग़ालिब वोअनासिर में ए’तिदाल कहाँ मिर्ज़ाग़ालिब शेर ‘ग़ालिब’ अपना ये अक़ीदा हैब-क़ौल-ए-‘नासिख़’ आपबे-बहरा है जो मो’तक़िद-ए-‘मीर’ नहीं मिर्ज़ाग़ालिब शेर सादिक़हूँ अपने क़ौल का ‘ग़ालिब’ ख़ुदा गवाह कहताहूँ सच कि झूटकी आदत नहीं मुझे … Read more

Top Sher Of Mirza Ghalib

Top Sher Of Mirza Ghalib   na ba.ndhe tishnagi-e-zauq ke mazmuu.n ‘Gaalib’ garche dil khol ke dariyaa ko bhii saahil baa.ndhaa muzmahil ho ga.e qavaa Gaalib vo anaasir me.n e’tidaal kahaa.n ‘Gaalib’ apnaa ye aqiida hai ba-qaul-e-‘naasiKH’ aap be-bahra hai jo mo’taqid-e-‘miir’ nahii.n saadiq huu.n apne qaul kaa ‘Gaalib’ KHudaa gavaah kahtaa huu.n sach ki … Read more

वसीम बरेलवी की टॉप शायरी | TOP SHAYARI of Waseem Barelvi

वसीम बरेलवी की टॉप शायरी  TOP SHAYARI of Waseem Barelvi photo credit to: https://www.patrika.com Waseem Barelvi Shayari जहाँ रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा  किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता  — वो झूट बोल रहा था बड़े सलीक़े से  मैं ए’तिबार न करता तो और क्या करता  — तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो … Read more