राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना | Mukhyamantri Chiranjeevi Durghatna Bima Yojna

मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना

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यह योजना राजस्थान सरकार द्वारा बीमित परिवारों को दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मृत्यु अथवा पूर्ण स्थाई अपंगता की स्थिति में आर्थिक सहारा प्रदान करने के उद्देश्य से लायी गयी है और यह 1 मई 2022 से लागू हो गयी है।
मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना

योजना का नाम है मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित समस्त परिवार मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के पात्र परिवार माने जाएंगे।

अब बात करते हैं बीमित सदस्य की। इस योजना में उन्हीं परिवारों को योजना का लाभ दिया जाएगा जो मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित परिवार का संबंध जन आधार कार्ड में अंकित परिवार से है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में उस परिवार का 1 साल की आयु तक का वह शिशु भी सम्मिलित होगा जिसका नाम जन आधार कार्ड पहचान पत्र में नहीं है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत भी बीमित सदस्यों के रूप में बीमित परिवार के सभी सदस्य सम्मिलित होंगे जिनका नाम जन आधार कार्ड में अंकित है।  इसके अतिरिक्त बीमित परिवार का वह शिशु बीमित सदस्य माना जाएगा जिसका नाम जन आधार कार्ड में अंकित नहीं है।
मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना

आइए जानते हैं मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना का उद्देश्य क्या है?

आइए जानते हैं इस योजना के उद्देश्य के बारे में।

दुर्घटना घटित हो जाने पर परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है जिसको हम MCDBY कहते हैं।
इस योजना के अंतर्गत बीमित परिवार को ₹500,000 तक का दुर्घटना बीमा कवर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। बीमित परिवार के सदस्य या फिर सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने या दुर्घटना के कारण हाथ पैर आंख की स्थाई पूर्ण क्षति की स्थिति में इस योजना के नियम अनुसार आर्थिक सहारा बीमित परिवार को उपलब्ध कराया जाएगा।

आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत यानी कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पात्रता की क्या शर्ते हैं?

योजना के अंतर्गत बीमित परिवार की श्रेणी में वह परिवार सम्मिलित होंगे जो मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत बीमित परिवार के रुप में सम्मिलित होंगे। इन परिवारों के अतिरिक्त अन्य कोई भी परिवार मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना में सम्मिलित नहीं माना जाएगा।

क्या इस योजना के अंतर्गत बीमित परिवार से कोई अंशदान या प्रीमियम लिया जाएगा?

तो इसका जवाब है “नहीं”
इस योजना के अंतर्गत पीड़ित परिवार से कोई अंशदान या फिर कोई प्रीमियम नहीं लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत योजना के लाभ कब मिलते है?

मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत निम्नांकित दुर्घटनाओं में निर्मित परिवार के सदस्य या सदस्यों की मृत्यु या अन्य शारीरिक शक्तियों की दशा में योजना के प्रावधानों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत दुर्घटना में हुई क्षति का आशय किसी भी ऐसी शारीरिक चोट से है जो किसी बाहरी हिंसात्मक एवं दृश्य माध्यम द्वारा लगी हो।
शारीरिक चोट संदर्भित दुर्घटनाओं से ही उत्पन्न हुई हो और दुर्घटना से पूर्व अस्तित्व में नहीं होनी चाहिए। मृत्यु या क्षति का सीधा संबंध दुर्घटना से होने पर ही योजना के तहत भुगतान दे होगा।
उदाहरण के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के लाभ निम्न प्रकार की दुर्घटना में हुई मृत्यु या क्षति पर देय होंगे।
  1. सड़क दुर्घटना
  2. ऊंचाई से गिरने पर
  3. मकान के ढहने से
  4. डूबने के कारण
  5. रासायनिक द्रव्यों के छिड़काव के कारण
  6. बिजली के झटके से
  7. जलने से होने वाली मृत्यु या क्षति

ऐसी कौन सी स्थितियां होती है जब मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत लाभ नहीं मिलेगा?

ऐसी भी कई स्थितियां होती है जब इस योजना के अंतर्गत लाभ नहीं मिलेगा। अब यह लाभ किसको नहीं मिलेगा इसके कुछ उदाहरण हमने नीचे दिए हैं:
  1. विभिन्न बीमारियां जैसे कैंसर टीवी, हार्ट अटैक अथवा पागलपन इत्यादि से होने वाली मृत्यु या अन्य शक्तियां।
  2. हत्या या हत्या का प्रयास, आत्महत्या या फिर आत्महत्या का प्रयास
  3. किसी भी बीमित सदस्य द्वारा नशीले पदार्थों, ड्रग्स, अल्कोहल के सेवन से होने वाली मृत्यु या क्षति
  4. चिकित्सा या शल्य क्रिया के दौरान यानी कि ऑपरेशन के दौरान होने वाली क्षति
  5. नाभिकीय विकिरण या परमाण्विक की अस्त्रों से होने वाली क्षति
  6. युद्ध, विदेशी आक्रमण,  विदेशी शत्रु, गृह युद्ध, देशद्रोह अथवा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों इत्यादि से होने वाली क्षति
  7. गर्भधारण या प्रसव के कारण होने वाली क्षति
  8. बीमित व्यक्ति द्वारा अपराधिक उद्देश्य से विधि द्वारा निर्धारित कानून का उल्लंघन करते समय हुई क्षति
  9. एविएशन में इंगेज होने बैलूनिंग माउंटेन डिस्माउंटिंग के समय या एयरक्राफ्ट में पैसेंजर के अतिरिक्त किसी अन्य रूप में यात्रा करते समय हुई मृत्यु या क्षति
  10. विभिन्न दुर्घटनाओं में हाथ या पैर का फ्रैक्चर इत्यादि होने की दशा में पॉलिसी के अंतर्गत लाभ नहीं होंगे
  11. जहरीले जंतु के कारण मृत्यु या क्षति
  12. पॉलिसी की 1 वर्ष की अवधि के दौरान योजना के अंतर्गत बीमित परिवार के सदस्यों के संबंध में एक से अधिक दावों के मामले में बीमित परिवार को इस योजना के अंतर्गत अधिकतम भुगतान रुपए 500000 से अधिक नहीं होगा।
  13. यदि पॉलिसी वर्ष में किसी सदस्य की दुर्घटना व क्षति होती है तथा उसी पॉलिसी वर्ष में दोबारा कोई दुर्घटना घटित होती है तो बाद में घटित होने वाली दुर्घटना के विरुद्ध  भुगतान करते समय पहले दावे में किए गए भुगतान की राशि को एडजस्ट करते हुए दूसरे दावे के विरोध भुगतान किया जाएगा।
 

आईए एक उदाहरण से समझते हैं

उपरोक्त योजना की अवधि के दौरान यदि किसी भी सदस्य को पहले एक आंख एक हाथ या एक पैर की क्षति पर डेढ़ लाख रुपए का भुगतान किया जाता है तो पॉलिसी की उसी अवधि के दौरान बीमित की मृत्यु हो जाने की दशा में मृत्यु हेतु प्रस्तावित राशि में से उपरोक्त बीमित परिवार को पूर्व में स्वीकृत राशि कम कर के भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार योजना के 1 वर्ष में बीमित परिवार के एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु होने पर बीमित परिवार को किया जानेवाला भुगतान 500000 की सीमा के अधीन ही होगा। इसी प्रकार यदि योजना वर्ष में बीमित परिवार के किसी सदस्य के किसी अंग की क्षति पर यदि बीमित परिवार को भुगतान कर दिया जाता है तो योजना के उसी वर्ष में अन्य सदस्य के दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी बीमित परिवार को किए जाने वाले भुगतान में से पूर्व में किए गए भुगतान की राशि को कम कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत हाथ की क्षति से आशय हाथ की कलाई अथवा ऊपर से अलग होने अथवा हाथ के स्थाई रूप से पूर्णतया निष्क्रिय हो जाने से है। इसी प्रकार पैर की क्षति से आशय पैर की एड़ी या ऊपर से अलग होने अथवा पैर के स्थाई रूप से पूर्णता निष्क्रिय हो जाने से है।

आइए जानते हैं मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पीड़ित परिवार को क्या सहायता मिलेगी?

दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर पीड़ित परिवार को ₹500,000 मिलेंगे।

दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आंखों अथवा एक हाथ एवं एक पैर या एक हाथ एवं एक आँख या एक पैर एवं एक आंख की पूर्ण क्षति पर ₹300,000 का मुआवजा मिलेगा।

दुर्घटना में हाथ पैर की पूर्ण क्षति पर डेढ़ लाख रुपए मिलेंगे।

आइए जानते हैं मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के संबंध में महत्वपूर्ण बिंदु।

योजना का संचालन राज्य बीमा एवं प्रावधाई निधि विभाग के माध्यम से किया जाएगा।
राज्य बीमा एवं प्रावधाई निधि विभाग के साधारण बीमा निधि कार्यालय द्वारा इस योजना का बीमा किया जाएगा।

यह योजना जन आधार कार्ड से जुड़ी होने के कारण जन आधार कार्ड में अंकित परिवार के मुखिया को ही बीमित परिवार का मुखिया माना जाएगा।

इस योजना के तहत मुखिया का मतलब यह है कि बीमित परिवार के जन आधार कार्ड में अंकित परिवार का मुखिया।

इस योजना के अंतर्गत बीमित परिवार के किसी या किन्हीं सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने या स्थाई पूर्ण अपंगता होने की स्थिति में नियमानुसार राशि का भुगतान परिवार की मुखिया के उस बैंक खाते में किया जाएगा जो जन आधार से लिंक होगा। मुखिया की मृत्यु होने की स्थिति में पति तथा उसके भी जीवित नहीं होने पर परिवार में शेष रहे सदस्यों में भुगतान योग्य राशि सामान अंशो में विभाजित कर सदस्यों के बैंक खातों में ऑनलाइन जमा कराई जाएगी।

इस योजना का संबंध बीमित परिवार को दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराना है तथा बीमित परिवार से तात्पर्य मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित परिवार से है यह योजना जन आधार कार्ड से लिंक है। अतः यदि जन आधार कार्ड में अंकित परिवार के मुखिया एवं सदस्यों सभी की मृत्यु हो जाती है तो इस योजना के तहत कोई भुगतान नहीं होगा।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के लिए एक वेब पोर्टल

मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत दावा निस्तारण हेतु राज्य बीमा एवं प्रावधाई निधि विभाग द्वारा अलग से एक वेबपोर्टल तैयार कराया गया है।
सभी दावों के निस्तारण की समस्त प्रक्रिया इस वेब पोर्टल के माध्यम से ही संचालित की जाएगी।

दवा हेतु ऑनलाइन क्लेम फॉर्म के साथ कौन कौन से डॉक्यूमेंट अपलोड किए जाएंगे या फिर कौन कौन से डॉक्यूमेंट अपलोड किए जाने चाहिए

मृत्यु हो जाने की दशा में – मृत्यु प्रमाण पत्र और
पोस्टमार्टम रिपोर्ट या FIR  या रोजनामचा या पंचनामा या चिकित्सालय द्वारा जारी डेथ समरी में से कोई एक डॉक्यूमेंट, अपलोड करना होगा।

क्षति होने की दशा में – चिकित्सालय की रिपोर्ट के साथ FIR या रोजनामचा या डायग्नोस्टिक रिपोर्ट या मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थाई पूर्ण अपंगता का प्रमाण पत्र

आइए जानते हैं मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत दावा का निस्तारण कैसे होगा? यानि दवा निस्तारण की क्या प्रक्रिया है?

  • परिवार के किसी सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु या क्षति होने की स्थिति में बीमित परिवार के किसी भी व्यस्क सदस्य द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर दावा प्रपत्र भरा जायेगा।
  • दुर्घटना की दिनांक से 30 दिन की अवधि में दावा प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
  • विलंब होने की दशा में विलम्ब के समुचित कारणों का उल्लेख करना आवश्यक होगा। वह भी 60 दिनों की अवधि में यह करना होगा।
  • पोर्टल पर क्लेम सबमिट करने पर जन आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। मुखिया की मृत्यु की स्थिति में दावेदार द्वारा ऑनलाइन दावा प्रपत्र में अंकित मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
  • दावेदार द्वारा ओटीपी को सबमिट करने पर पोर्टल द्वारा ऑथेंटिकेशन कर लिए जाने पर दावा पोर्टल में रजिस्टर्ड हो जाएगा।
  • पोर्टल पर दावा दर्ज होने के बाद बीमा कर्त्ता द्वारा दावे का परीक्षण किया जाएगा तथा पॉलिसी के परिप्रेक्ष्य में उचित पाए जाने पर दावा स्वीकार कर लिया जाएगा।
  • अन्य दस्तावेज वांछित होने पर बीमा कर्ता द्वारा दावेदार से ऑनलाइन ही दस्तावेज की मांग की जाएगी।
  • बीमा कर्ता द्वारा दावेदार के मोबाइल नंबर पर स्वीकृति या फिर अस्वीकृति एवं आक्षेप के संबंध में मैसेज आएगा।
  • दावा स्वीकार होने की दशा में बीमा कर्ता कंपनी द्वारा जन आधार कार्ड से लिंक मुखिया के बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान की कार्यवाही की जाएगी।
  • मुखिया की मृत्यु होने की स्थिति में पति तथा उनके भी जीवित नहीं होने पर परिवार में शेष सदस्यों में भुगतान योग्य राशि सामान अंशो में विभाजित कर बीमा कर्ता कंपनी द्वारा बीमित परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में ऑनलाइन जमा कराई जाएगी।
  • परिवार के सभी सदस्यों की मृत्यु होने की स्थिति में कोई भी राशि नहीं दी जाएगी।
  • पारिवारिक विवाद की स्थिति या फिर न्यायिक प्रक्रिया लंबित होने पर सक्षम न्यायालय के निर्णय के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

दावों के संबंध में अपील की सुनवाई की व्यवस्था

दावों के निस्तारण की दिनांक से 30 दिवस की अवधि में निदेशक राज्य बीमा एवं प्रावधाई निधि विभाग को ऑनलाइन अपील प्रस्तुत की जा सकती है। इस स्तर पर 30 दिन में अपील का निस्तारण किया जाएगा।
निदेशक राज्य बीमा एवं प्रावधाई निधि विभाग के निर्णय के 30 दिन की अवधि में निर्णय के विरुद्ध शासन सचिव वित्त विभाग शासन सचिवालय जयपुर को द्वितीय अपील ऑनलाइन प्रस्तुत की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना का अंकेक्षण

मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना का आंतरिक अंकेक्षण कराने के साथ-साथ महालेखाकार के अंकेक्षण दल से भी अंकेक्षण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के संबंध में जो जानकारियां हमारे पास उपस्थित थी हमने उन्हें आपके सामने प्रस्तुत किया है। इस संबंध में यदि आपका कोई प्रश्न या फिर कोई कंफ्यूजन हो तो कृपया हमें संपर्क करें। हम आपके सवालों का जवाब देने का भरसक प्रयास करेंगे। हमारे ब्लॉग को इसी तरह पसंद करते रहे और फॉलो करना ना भूलें ताकि हमारा उत्साह बढे। इसी तरह की और अच्छी अच्छी जानकारियां हम आपके लिए लाते रहेंगे।

— By Gaurav Joshi

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