राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना 2022 | Rajasthan Govt. Mukhya Mantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana 2022

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना 2022 | Rajasthan Govt. Mukhya Mantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana 2022

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राजस्थान सरकार ने प्रदेश में 1 मई 2021 से मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत की है। प्रदेश के समस्त नागरिकों को चिकित्सा पर लगने वाले बड़े खर्चो से मुक्त कर उत्तम स्वास्थ्य की प्रतिबद्धता से इस योजना को लाया गया है ताकि तकलीफ एवं गंभीर बीमारी के ईलाज में पैसे की कोई बाध्यता नहीं हो।

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना

सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी प्रदेश के नागरिकों को अस्पताल में भर्ती होने पर गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परिवार द्वारा किये जाने वाले खर्च को कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत की गयी है।

आइये जानते है मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का विवरण (Salient Features):-

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना कब शुरू हुई?

1 मई 2021 से इस योजना की शुरुआत की गयी थी। राजस्थान राज्य में दिनांक 30 जनवरी 2021 से लागू आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ा कर पूरे प्रदेश को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत की गयी।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में लाभार्थी परिवार का क्या अर्थ है?

योजना के अंतर्गत जन-आधार डेटाबेस से जुडे/पंजीकृत वें परिवार जो निःशुल्क श्रेणी के अर्न्तगत पात्रता रखते है अथवा निर्धारित प्रीमियम का भुगतान कर योजना में पंजीकृत हुए है।

निःशुल्क श्रेणी में पंजीकृत राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अन्तर्गत पात्र लाभार्थी परिवार, सामाजिक आर्थिक जनगणना (एसईसीसी) 2011 के पात्र परिवार, प्रदेश के समस्त विभागों/बोर्ड/निगम/सरकारी कम्पनी में कार्यरत संविदाकार्मिक, लघु एवं सीमांत कृषक एवं गत वर्ष कोविड-19 अनुग्रह राशि प्राप्त करने वाले निराश्रित एवं असहाय परिवार सम्मिलित है।

प्रदेश के वें अन्य परिवार जो सरकारी कर्मचारी/पेंशनर नहीं है, अर्थात् मेडिकल अटेन्डेंस नियमों के तहत् लाभ नहीं ले रहे है, वें निर्धारित प्रीमियम का भुगतान कर योजना में सम्मिलित हो सकते है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में क्या लाभ मिलेगा? वॉलेट राशि क्या होगी?

इस योजना में साधारण बीमारियों के लिए रू. 50,000/- प्रतिवर्ष तथा गम्भीर बीमारियो के लिए  रू. 4.50 लाख की राशि का बीमा कवर प्रतिवर्ष प्रति परिवार को मिलता है।

यह वॉलेट राशि पूरे परिवार के लिए एक पॉलिसी वर्ष में उपयोग के लिए होती है। यदि किसी पॉलिसी वर्ष के दौरान मरीज के लिये पैकेज बुक करते समय मरीज के वॉलेट की राशि कम पडती है या समाप्त हो गई है, तो ऐसी स्थिति में शेष राशि का भुगतान मरीज के द्वारा स्वयं किया जायेगा। इसके लिए अस्पताल द्वारा ईलाज के पूर्व ही मरीज के परिवार को इस बारें में बता दिया जाता है एवं मरीज/परिवार से लिखित सहमति ली जाती है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पैकेज क्या है?

योजना के अन्तर्गत विभिन्न बीमारियो के 1576 प्रकार के पैकेजेज एवं प्रोसिजर्स उपलब्ध है। इन्हें योजना के सॉफ्टवेयर में 3219 पैकेजेज में विभक्त किया गया है। योजना के आरम्भ से पूर्व की सभी बीमारियां इसमें सम्मिलित की गयी है। योजना के अन्तर्गत लाभार्थी को मिलने वाले बीमारियों के पैकेज में निम्नाकिंत चिकित्सा सुविधाएँ शामिल है –

  • पंजीकरण शुल्क
  • बिस्तर व्यय
  • भर्ती व्यय तथा नर्सिंग व्यय।
  • शल्य चिकित्सा, संवेदनाहरण विशेषज्ञ तथा सामान्य चिकित्सा का परामर्श शुल्क।
  • संवेदनाहरण, (Anaesthesia) रक्त, ऑक्सीजन, ओ.टी आदी का व्यय।
  • औषधियों का व्यय।
  • एक्स-रे तथा जॉंच पर व्यय आदि।
  • संचारी रोगो से अस्पताल के स्टाफ एवं मरीज के बचाव के लिए आवश्यक उपकरणों पर होने वाला व्यय।

मरीज जिस बीमारी के लिए अस्पताल में भर्ती होता है, उसके 5 दिन पहले एवं डिस्चार्ज के 15 दिन तक उस बीमारी से संबंधित उस अस्पताल में की गयी जांचों, दवाइयों एवं डॉक्टर के परामर्श शुल्क का व्यय उस पैकेज की राशि में सम्मिलित है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्य प्रावधान क्या है?

इस योजना में परिवार के आकार एवं आयु की कोई सीमा नहीं है। एक वर्ष तक के शिशु बिना परिवार कार्ड में नाम के भी योजना में लाभ लेने के लिए अधिकृत होंगे।

योजना का उद्देश्य

  • पात्र परिवारो का स्वास्थ्य पर होने वाला व्यय (Out of pocket Expenditure) कम करना।
  • पात्र परिवारो का राजकीय अस्पतालो के साथ-साथ योजना में सम्बद्ध निजी चिकित्सालयो के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण एवं विषेशज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना।
  • राज्य के पात्र परिवारो को योजना में वर्णित पैकेज से संबंधित बीमारियो का निःशुल्क ईलाज उपलब्ध करवाना।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पॉलिसी वर्ष से क्या अभिप्राय है या पॉलिसी वर्ष का क्या मतलब है?

योजना में पूर्व से लाभान्वित श्रेणी – अर्थात् खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अर्न्तगत पात्र परिवार एवं सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र परिवारों को पॉलिसी वर्ष दिनांक 30.01.2021 से 29.01.2022 के अनुसार स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा।  अर्थात् उक्त अवधि हेतु निर्धारित वॉलेट राशि उपलब्ध रहेगी तथा नये पॉलिसी वर्ष में नियमानुसार वॉलेट राशि का पुर्नभरण किया जा सकेगा।

योजना में नवीन जुड़ने वाली श्रेणी – योजना के अंतर्गत नवीन जुड़ने वाली श्रेणीयों को निम्न तालिका में बताई गयी पंजीकरण अवधि के अनुसार निःशुल्क उपचार का लाभ मिलने की प्रभावी दिनांक से एक पॉलिसी वर्ष के लिए देय होगा।

योजना के अंतर्गत पंजीकरण की अवधि

1 अप्रेल से 30 अप्रेल 2021

1 मई से 31 मई 2021

लाभ मिलने की प्रभावी दिनांक

1 मई 2021 से

योजनार्न्तगत पंजीकरण दिनांक से

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत पात्र परिवार कौन से होंगे?

योजना के अंतर्गत  पात्र परिवार दो प्रकार की श्रेणियों में विभक्त किया गया है –

निःशुल्क लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी – राज्य सरकार द्वारा निर्धारित ऐसी श्रेणी के पात्र परिवारों के प्रीमियम का 100 प्रतिशत भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है। वर्तमान में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अर्न्तगत पात्र परिवार, सामाजिक आर्थिक जनगणना (एसईसीसी) 2011 के पात्र परिवार, राज्य के सरकारी विभागों/बोर्ड/निगम/सरकारी कम्पनी में कार्यरत संविदा कार्मिक, लघु सीमांत कृषक एवं गत वर्ष कोविड-19 अनुग्रह राशि प्राप्त करने वाले निराश्रित एवं असहाय परिवार निःशुल्क श्रेणी में सम्मिलित है।

रू 850/- प्रति परिवार प्रति वर्ष का भुगतान कर लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी  – राज्य के वें परिवार जो निःशुल्क पात्र परिवारों की श्रेणी में नही आते एवं सरकारी कर्मचारी/पेंशनर नही है तथा मेडिकल अटेंडेंस रूल्स के तहत् लाभ नहीं ले रहे है वें निर्धारित प्रीमियम का 50 प्रतिशत अर्थात् रू 850 प्रति परिवार प्रति वर्ष का भुगतान कर योजना का लाभ ले सकते है। प्रीमियम का शेष 50 प्रतिशत भाग सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थी

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मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण की प्रक्रिया क्या है?

योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए लाभार्थी को योजना में पंजीकरण करवाना आवश्यक होगा जो दिनांक 1 अप्रेल 2021 से आरंभ किया जा चुका है।

श्रेणीवार पंजीयन कराने के लिए प्रक्रिया निम्नानुसार है –

1.    निःशुल्क लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणी के लिए पंजीयन प्रक्रिया –

  • खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अर्न्तगत पात्र परिवार एवं सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र परिवार योजना  के अंतर्गत पूर्व में ही लाभान्वित है। अतः इन्हे पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
  • लाभार्थी को योजना के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होता है जिसका लिंक योजना की अधिकारिक वैबसाइट  https://chiranjeevi.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है। पंजीकरण के लिए लाभार्थी ऑनलाइन अपनी एसएसओ आईडी अथवा ई मित्र केन्द्र पर जाकर पंजीयन करवा सकते है।
  • रजिस्ट्रेशन के लिए लाभार्थी के पास जनआधार कार्ड/ जनआधार कार्ड नम्बर/जनआधार कार्ड की पंजीयन रसीद का नम्बर एवं आधार कार्ड नम्बर होना चाहिए।
  • पंजीकरण से पूर्व आवेदनकर्ता का आधारकार्ड में दर्ज मोबाइल नम्बर पर ओ.टी.पी. के माध्यम से ई-प्रमाणीकरण किया जायेगा जिसके लिए आवेदनकर्ता का आधार कार्ड / आधार कार्ड का नम्बर होना आवश्यक है।
  • संविदाकार्मिको के योजना में पंजीकरण के आवदेन को सम्बन्धित विभाग के नोडल अधिकारी द्वारा ऑनलाइन सत्यापित किया जाता है एवं नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

2.       रू 850/-प्रति परिवार प्रति वर्ष का भुगतान कर लाभ प्राप्त करने वाली श्रेणीः-

  • लाभार्थी को योजना के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन अथवा ई मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवाना  होता है। इन लाभार्थियों द्वारा 850 रूपये प्रति परिवार प्रति वर्ष प्रीमियम राशि के रूप में सम्बन्धित ई मित्र केन्द्र को अथवा डिजिटल पैमेन्ट मोड से भुगतान करना होता है। सफल पंजीकरण के बाद लाभार्थी पॉलिसी डॉक्यूमेंट प्रिंट प्राप्त कर सकते है।
  • ई-मित्र अथवा स्वयं द्वारा योजनार्न्तगत पंजीयन की चरणवार विस्तृत प्रक्रिया योजना की वैबसाइट www.health.rajasthan.gov.in/mmcsby पर दी गयी है।
  • पंजीयन शुल्कः दोनो श्रेणी के लाभार्थियों को ई मित्र केन्द्र पर किसी भी प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करना होता है। पंजीकरण हेतु सफल आवेदन का शुल्क, प्रीमियम जमा शुल्क एवं प्री प्रिन्टेड़ कागज पर पॉलिसी दस्तावेज के प्रिंट का शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत लाभ लेने की प्रक्रिया क्या है?

योजना में निःशुल्क उपचार का लाभ लेने की प्रक्रिया इस प्रकार है –

  • पात्र परिवार की पहचान कैसे होगी – पात्र परिवार की पहचान जन-आधार कार्ड नम्बर/जन-आधार ईआईडी/ पॉलीसी दस्तावेज/आधार कार्ड के माध्यम से ही की जायेगी। अतः मरीज को अस्पताल में भर्ती के समय ही योजना के काउन्टर पर उपस्थित स्वास्थ्य मार्गदर्शक को उक्त जानकारी प्रदान करें ताकि परिवार की पात्रता सुनिश्चित की जा सके।
  • लाभार्थी की पहचान कैसे होगी – परिवार की पात्रता सुनिश्चित होने के बाद मरीज की पात्रता की जांच की जायेगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर में जन-आधार कार्ड का नम्बर अथवा पंजीयन नम्बर डालने पर परिवार की श्रेणी एवं सदस्यों का विवरण सॉफ्टवेयर में प्रदर्शित होगा, जिसमें से मरीज को चिन्ह्ति किया जाकर मरीज का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन किया जायेगा। मरीज के अस्पताल में भर्ती एवं डिस्चार्ज के समय वैब कैमरा के सामने लाइव फोटो लिया जायेगा। योजना के सॉफ्टवेयर में योजनार्न्तगत चयनित श्रेणी एवं परिवार के सदस्य का विवरण प्रदर्शित होने पर ही मरीज को योजना में लाभ दिया जा सकेगा। योजना में उपलब्ध पैकेज के अनुसार मरीज का इलाज प्रारंभ किया जायेगा।
  • एक वर्ष तक के बच्चे के ईलाज के सम्बन्ध में प्रावधान – योजना के अन्तर्गत पात्र परिवार के जन-आधार कार्ड के विवरण में नाम सम्मलित नहीं होते हुए भी उस परिवार के एक वर्ष तक आयु के बच्चे को योजना के अन्तर्गत ईलाज देने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए जन-आधार कार्ड में दर्ज परिवार के किसी भी उपलब्ध सदस्य के नाम से बच्चे की टीआईडी जनरेट कर ईलाज दिया जा सकता है। एक वर्ष से अधिक उम्र के बालक का नाम यदि जन-आधार कार्ड में नहीं है तो योजनान्तर्गत उस बालक का इलाज किया जाना सम्भव नहीं है। (ऐसी स्थिति में परिवार को सलाह दी जाएगी कि बालक का नाम जन-आधार में किसी भी ई-मित्र केन्द्र पर जन्म के दस्तावेज प्रस्तुत कर जुडवाया जा सकता है) परन्तु योजना के अन्तर्गत निःशुल्क इलाज जन-आधार कार्ड में नाम जुडने के पश्चात ही किया जा सकेगा।
  • 05 वर्ष तक के बालक के ईलाज के सम्बन्ध में प्रावधान – पांच वर्ष तक की आयु के बच्चे के ईलाज के लिए बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन एवं फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है। परिवार पहचान पत्र में जुडे परिवार के किसी अन्य सदस्य के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन द्वारा बच्चे की टीआईडी जनरेट की जा सकती है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के आवश्यक दस्तावेज कौन से है?

  1. जनआधार कार्ड/ जनआधार कार्ड नम्बर/जनआधार कार्ड की पंजीयन रसीद का नम्बर
  2. आधार कार्ड नम्बर होना आवश्यक है।

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FAQ

प्रश्न – 1    मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना क्या है?

माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा बजट घोषणा 2021-22 में ’यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज’ को प्रदेश में लागू करने की घोषणा की है जिसकी अनुपालना में दिनांक 1 मई 2021 से प्रदेश में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरूआत की जा रही है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में प्रदेश के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है जिसमें राज्य के सभी परिवार एवं आयुवर्ग के लोग सम्मिलित है। इसमें कोविड सहित 1576 पैकेजेज एवं प्रोसिजर्स सम्मिलित है। योजनार्न्तगत अस्पताल में भर्ती के 5 दिन पहले एवं 15 दिन बाद तक का उपचार व्यय शामिल है।

प्रश्न – 2    चिरंजीवी योजना में कौन-कौन जुड़ सकता है?

राजस्थान का हर परिवार इस योजना से जुड सकता है। सरकारी कर्मचारियों के परिवार को इस योजना से जुडने की आवश्यकता नही है क्योंकि उनके लिए राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम योजना लाई जा रही है।

प्रश्न – 3    मैं खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अर्न्तगत पात्र परिवार से हूं और मुझे पूर्ववर्ती बीमा योजना में लाभ मिल रहा है। क्या मुझे मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ लेने के लिये अपना पंजीयन फिर से करवाना होगा?

जी नही, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत पात्र परिवार पूर्व में ही जनआधार कार्ड से और योजना से जुडे हुए है अतः मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत पृथक से पंजीयन की आवश्यकता नही है। इन्हे पूर्व की भांति निःशुल्क उपचार का लाभ मिलता रहेगा।

प्रश्न – 4    मै राज्य सरकार के अन्तर्गत कार्यरत एक संविदाकर्मी हूं। मुझे योजना का लाभ लेने के लिये क्या कोई पंजीयन करवाना होगा?

जी हां, राज्य के समस्त विभागों में कार्यरत संविदा कार्मिकों को योजना का लाभ लेने के लियेे योजना की आधिकारिक वैबसाइट www.health.rajasthan.gov.in/mmcsby पर उपलब्ध लिंक पर स्वयं ऑनलाइन अथवा ई-मित्र केन्द्र पर जनआधार कार्ड नम्बर/जनआधार कार्ड की पंजीयन रसीद के द्वारा अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। दिनांक 1 अप्रेल 2021 से पंजीकरण आरंभ हो चुका है।

प्रश्न – 5    ई-मित्र पर क्या फीस देनी होगी ?

लाभार्थी को ई मित्र केन्द्र पर किसी भी प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करना है। पंजीकरण हेतु सफल आवेदन का शुल्क, प्रीमियम जमा शुल्क एवं प्री प्रिन्टेड़ कागज पर पॉलिसी दस्तावेज के प्रिंट का शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

प्रश्न – 6    एक बार चिरंजीवी योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अगर किसी लाभार्थी को परिवार के किसी सदस्य का नाम जुड़वाना है या कटवाना है तो उसकी प्रक्रिया क्या रहेगी?

इसके लिए ई-मित्र केन्द्र पर जाकर जनाधार कार्ड में संशोधन करवाया जा सकता है।

प्रश्न – 7    चिरंजीवी योजना में कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति रुपये 850/- की श्रेणी में अपने परिवार के रजिस्ट्रेशन कराने ई-मित्र पर आता है तो क्या उसे रुपये 850/- रजिस्ट्रेशन करवाने के दौरान ही देने होंगे अथवा वह रुपये बाद में भी जमा करवा सकता है?

चिरंजीवी योजना में जिन श्रेणी के परिवारों को 850 रुपये प्रीमियम राशि देनी है वो ई-मित्र केन्द्र पर रजिस्ट्रेशन के समय ही देनी होगी।

प्रश्न – 8    आवेदक को इस बात का पता कैसे लगेगा कि उसका रजिस्ट्रेशन चिरंजीवी योजना में हो चुका है? अब इसका लाभ उसे कैसे मिल सकता है? क्या इसके लिए आवेदक के पास कोई मैसेज आएगा या किसी वेबसाइट पर लाभार्थियों की सूची में अपना नाम देख सकता है? अथवा उसे कोई बीमा सर्टिफिकेट डाक द्वारा प्राप्त होगा?

चिरंजीवी योजना में पंजीकरण होने पर एक पॉलिसी का कागज ई-मित्र केन्द्र द्वारा आवेदक को दिया जाएगा।

प्रश्न – 9    जिस परिवार/यक्ति ने पूर्व में निजी कंपनी से स्वास्थ्य बीमा करा रखा है, क्या वह भी चिरंजीवी योजना का लाभ ले सकता है?

हाँ, चिरंजीवी योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने पर उन्हें भी लाभ प्राप्त होगा।

प्रश्न – 10    मैं एक लघु और सीमान्त कृषक हूँ परन्तु NFSA में पात्र नहीं हू। योजना का लाभ लेने के लिये मुझे क्या करना होगा?

लघु एवं सीमान्त कृषक परिवारों को ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवाना आवश्यक है। उक्त रजिस्ट्रेशन हेतु लाभार्थी के पास जनआधार कार्ड/जनआधार कार्ड नम्बर/जनआधार कार्ड पंजीयन रसीद का नम्बर एवं आधार कार्ड नम्बर होना आवश्यक है।

प्रश्न – 11    मै लघु और सीमांत कृषक हूँ पर मेरा जनआधार कार्ड बना हुआ नहीं है। मुझे क्या करना होगा जिससे योजना का लाभ मिले?

लघु एवं सीमान्त कृषक जिनका जनआधार कार्ड बना हुआ नही है, वें ई-मित्र के माध्यम से जनआधार पंजीयन करवा सकते है तथा जनआधार पंजीयन रसीद के आधार पर योजना से पंजीकरण करवा कर लाभ ले सकते है।

प्रश्न – 12    मेरा परिवार खाद्य सुरक्षा अधिनियम, सामाजिक-आर्थिक जनगणना, संविदाकर्मी और लघु सीमांत कृषक श्रेणी में नही आता हूं। मुझे योजना का लाभ किस प्रकार मिलेगा?

ऐसे परिवार जो उपरोक्त 4 श्रेणियों में सम्मिलित नहीं है तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार की मेडीक्लेम/मेडिकल अटेन्डेंस नियमों के अर्न्तगत लाभान्वित नहीं है, वह रू 850 प्रति वर्ष प्रति परिवार प्रीमियम राशि का भुगतान कर योजना से जुड सकते है।

प्रश्न – 13    क्या इलाज के दौरान मुझसे किसी भी तरह की राशि वसूल की जायेंगी?

नहीं। इस योजना के अन्तर्गत सम्पूर्ण सुविधाएँ पूर्णतः निःशुल्क (कैशलेस) है।

प्रश्न – 14    योजना के अंतर्गत लाभार्थी के इलाज में क्या-क्या सम्मिलित है ?

योजना के अन्तर्गत लाभार्थी को मिलने वाले बीमारियों के पैकेज में निम्नाकिंत चिकित्सा सुविधाएँ शामिल है- * पंजीकरण शुल्क * बिस्तर व्यय * भर्ती व्यय तथा नर्सिंग व्यय * शल्य चिकित्सा, संवेदनाहरण विशेषज्ञ तथा सामान्य चिकित्सा का परामर्श शुल्क * संवेदनाहरण, (Anaesthesia) रक्त, ऑक्सीजन, ओ.टी आदी का व्यय * औषधियों का व्यय * एक्स-रे तथा जॉंच पर व्यय आदि * संचारी रोगो से अस्पताल के स्टाफ एवं मरीज के बचाव के लिए आवश्यक उपकरण/उपायों पर होने वाला व्यय * योजना के अन्तर्गत चिन्ह्ति बीमारी (IPD Procedure) की चिकित्सा प्रंक्रिया से पूर्व 05 दिन तथा अस्पताल से छुट्टी के पश्चात् के 15 दिन का परामर्श , जांच एवं दवाएं भी सम्मिलित है

प्रश्न – 15    इस योजना के अर्न्तगत बीमा कवरेज राशि क्या है?

इस योजना में सामान्य बीमारियों हेतु रू. पचास हजार तथा गंभीर बीमारियों हेतु रू. साढे चार लाख तक का बीमा कवर प्रति परिवार प्रति वर्ष दिया जायेगा।

प्रश्न – 16    मेरा परिवार संविदाकर्मी तथा लघु सीमान्त कृषक दोनो के अर्न्तगत पात्र परिवार है, तो क्या मुझे रु 10 लाख का कवर मिलेगा?

नहीं। परिवार को सामान्य बीमारियों हेतु रू. पचास हजार तथा गंभीर बीमारियों हेतु रू. साढे चार लाख तक का बीमा कवर प्रति परिवार प्रति वर्ष दिया जायेगा।

प्रश्न – 17    क्या जिनके पास भामाशाह कार्ड है उन्हे भी जन-आधार कार्ड बनवाना होगा?

नहीं। पूर्व में जारी भामाशाह कार्ड के स्थान पर राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क जन-आधार कार्ड वितरित किये गये है। जो परिवार नवीन कार्ड के लिए आवेदन करते है, उन्हे जन-आधार कार्ड जारी किया जाता है।

प्रश्न – 18    मेरे परिवार में कौन-कौन सदस्य इसका लाभ ले सकते है? क्या यह राशि परिवार के एक सदस्य के लिए है या सम्पूर्ण परिवार के लिए हैं?

योजना की वॉलेट राशि सम्पूर्ण परिवार के लिए हैं। एक परिवार के अन्तर्गत आने वाले वे सभी सदस्य जिनका नाम परिवार की महिला मुखिया के जन-आधार कार्ड में अंकित हो, वे इस योजना का लाभ ले सकते है।

प्रश्न – 19    यदि राशि ईलाज के उपरान्त शेष बच जाती है, तो क्या अगले वर्ष उपयोग में ली जा सकती है?

नही, यह राशि एक पॉलिसी वर्ष के लिये ही है। यदि राशि शेष रह जाती है तो वह योजना प्रारम्भ होने से एक वर्ष की समाप्ति पर स्वतः ही कालातीत (लैप्स) हो जाती है। अगले वर्ष नये सिरे से पांच लाख का बीमा कवर प्रदान किया जायेगा जिसमें सामान्य बीमारी हेतु पचास हजार रूपये एवं गंभीर बीमारी हेतु चार लाख पचास हजार रूपये प्रदान किया जायेगा।

प्रश्न – 20    अस्पताल में मरीज की पहचान किस प्रकार की जानी है?

– अस्पताल में मरीज की पहचान बायोमैट्रिक मशीन द्वारा प्राथमिकता से की जायेगी। यदि बायो मेट्रिक्स से पहचान किया जाना प्रथम प्रयास में सम्भव नहीं होता है, तो उंगलिया बदल-बदल कर कम से कम तीन बार प्रयास करना आवश्यक है। आपके द्वारा किये गये प्रयासों की गणना सॉफ्टवेयर करेगा। – यदि तीन बार के प्रयास के बावजूद भी बायोमेट्रिक्स से मरीज की पहचान संभव नहीं होने की स्थिति में निम्नलिखित फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक के आधार पर मरीज की पहचान सुनिश्चित की जायेगी और टीआईडी जनरेशन के समय ही संबंधित फोटो आईडी की स्केन कॉपी मरीज के लाइव फोटो के साथ अपलोड किया जायेगा। ऽ फोटोयुक्त पहचान के वैकल्पिक दस्तावेज  जन-आधार कार्ड/भामाशाह कार्ड यदि उसमें मरीज का फोटो उपलब्ध है।  फोटोयुक्त परिवार का राशनकार्ड, जिसमें मरीज का फोटो हो।  मरीज का फोटोयुक्त ड्राईविंग लाइेसेन्स  मरीज का फोटोयुक्त पेन कार्ड  मरीज का फोटोयुक्त आधार कार्ड  निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया फोटो पहचान पत्र।

प्रश्न – 21    क्या कोई योजना से सम्बद्व अस्पताल मुझे मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने से मना कर सकता है?

जी नहीं। सम्बद्ध अस्पताल द्वारा योजना में लाभ दने हेतु मना नहीं किया जायेगा केवल निम्न परिस्थितियों में मना किया जा सकता हैः- 1. उस अस्पताल में इलाज के लिए विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध नहीं है। 2. यदि अस्पताल द्वारा सम्बन्धित बीमारी का पैकेज नहीं चुना गया है। 3. यदि आपके परिवार के वॉलेट में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है।

प्रश्न – 22    मेरे परिवार के वॉलेट में 18000रु की राशि उपलब्ध है परंतु इलाज के लिए मेरा पैकेज 35000रु है। क्या मैं अतिरिक्त राशि जमा करा कर अस्पताल में योजना में इलाज ले सकता हूँ?

जी हां। वालेट में उपलब्ध राशि से अधिक राशि का पैकेज होने पर अन्तर की राशि अस्पताल में जमा करवाकर ईलाज कराया जा सकता है।

प्रश्न – 23    लाभार्थी कितनी बार इस योजना के अन्तर्गत इलाज करा सकता है?

परिवार के वॉलेट में उपलब्ध राशि के शेष रहने तक लाभार्थी परिवार द्वारा इस योजना में एक पॉलिसी वर्ष में कितनी बार भी इलाज करवाया सकता है।

प्रश्न – 24    योजना में शामिल पैकेज की सूचना कहाँ से प्राप्त की जा सकती है?

उक्त सूचना योजना की वैबसाइट www.health.rajasthan.gov.in/mmcsby पर उपलब्ध है। यह सूचना टोल फ्री नम्बर 1800-180-6127 से अथवा सम्बन्धित अस्पताल के स्वास्थ्य मार्गदर्शक से भी ली जा सकती है।

प्रश्न – 25    योजना से जुड़े अस्पतालों की सूचना कहाँ से प्राप्त की जा सकती है?

उक्त सूचना योजना की वैबसाइट www.health.rajasthan.gov.in/mmcsby पर उपलब्ध है। यह सूचना टोल फ्री नम्बर 1800-180-6127 से भी ली जा सकती है।

प्रश्न – 26    क्या योजना के अर्न्तगत लाभ लेने के लिये चिकित्सालयों में 24 घंटे भर्ती होना आवश्यक है?

रूटिन वार्ड प्रतिदिन पैकेज एवं आईसीयू प्रतिदिन पैकेज का लाभ लेने के लिये 24 घंटे भर्ती होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त कुछ पैकेज में अंकित समय सीमा के अनुसार मरीज को अस्पताल में भर्ती रहना होगा।

प्रश्न – 27    अस्पताल द्वारा योजना में रजिस्टेªशन के बावजूद ईलाज की राशि की मांग करने पर या वॉलेट में पर्याप्त राशि होने पर भी अस्पताल द्वारा योजना के लाभ देने से मना करने पर क्या कार्यवाही कर सकते है?

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला परिवेदना निस्तारण समिति के नोडल अधिकारी उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में व्यक्तिशः/ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नम्बर 181 एवं 1800-180-6127 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

प्रश्न – 28    अस्पताल द्वारा मरीज का ईलाज कितनी राशि का किया गया तथा उसके द्वारा क्लेम ज्यादा राशि का नहीं किया गया हो, इसकी जानकारी मरीज को कैसे मिलेगी?

आपके दूरभाष पर ईलाज की राशि का जो बुक की गई है, का मैसेज भेजा जायेगा इसलिए आप अपना दूरभाष नम्बर भर्ती होने के समय आवश्यक रूप से नोट करावें।

प्रश्न – 29    चिरंजीवी योजना में नया क्या है?

पूर्व में चल रही भामाशाह योजना से चिरंजीवी योजना इस तरह अलग है-  पात्र परिवार – भामाशाह योजना में केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के पात्र परिवारों (राज्य के 98 लाख परिवारों) को ही लाभ मिल रहा था जब कि चिरंजीवी योजना में राज्य का हर परिवार लाभ ले सकता है।  प्रीमियम – पिछली योजना में सरकार केवल NFSA के पात्र परिवारों का प्रीमियम ही वहन कर रही थी। चिरंजीवी में NFSA के साथ ही सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र परिवार, लघु एवं सीमांत कृषक, राज्य सरकार के सभी संविदाकर्मी और कोरोना के दौरान आर्थिक सहायता पाने वाले परिवारों पूरा बीमा प्रीमियम सरकार दे रही है। इसके अलावा अन्य परिवारों के प्रीमियम का भी एक बड़ा हिस्सा सरकार दे रही है।  बीमा कवरेज – पिछली योजना में गंभीर बीमारियों के लिए 3 लाख रुपए और सामान्य बीमारियों के लिए 30 हज़ार रुपए का यानि कुल 3.30 लाख रुपए का ही स्वास्थ्य बीमा मिलता था जब कि चिरंजीवी योजना में गंभीर बीमारियों के लिए 4.5 लाख रुपए और सामान्य बीमारियों के लिए 50 हज़ार रुपए का यानि कुल 5 लाख रुपए तक का कैशलैस इलाज का लाभ दिया जा रहा है।

प्रश्न – 30    कैशलैस इलाज क्या होता है?

कैशलैस इलाज में आपको अस्पताल में कोई पैसा नहीं देना होता है। भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक उस बीमारी से जुड़ी दवाएं, जांच, डॉक्टर की फीस ये सभी कैशलैस इलाज में शामिल है।

प्रश्न – 31    निःशुल्क और कैशलैस इलाज में क्या अंतर है?

निःशुल्क इलाज में आपको पैसे देने पड़ते हैं और कुछ समय बाद आपको इसका रिफंड मिल जाता है, जब कि कैशलैस में आपको कोई पैसा देना ही नहीं पड़ता है।

प्रश्न – 32    क्या OPD में भी कैशलैस इलाज का लाभ मिलता है?

चिरंजीवी योजना का लाभ केवल IPD पर ही मिलता है। वैसे OPD पर तो आमजन को मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना और मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना का लाभ पहले से ही मिल रहा है।

प्रश्न – 33    योजना से जुड़ने के लिए क्या दस्तावेज /डॉक्यूमेंट चाहिएं?

योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास जन-आधार कार्ड, जन आधार कार्ड नंबर या जन-आधार पंजीयन रसीद में से किसी एक का होना आवश्यक है। इसलिए अगर आपने अभी तक जन-आधार नामांकन नहीं करवाया है, तो चिरंजीवी में रजिस्टर करने से पहले आप ई-मित्र पर जन आधार रजिस्ट्रेशन करवाएँ।

प्रश्न – 34    चिरंजीवी योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कहाँ करवाया जा सकता है?

आप योजना की वेबसाइट chiranjeevi.rajasthan.gov.in पर दिये गए लिंक पर या ई-मित्र केन्द्र पर जाकर अपना निःशुल्क चिरंजीवी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास जन-आधार कार्ड, जन आधार कार्ड नंबर या जन-आधार पंजीयन रसीद में से किसी एक का होना आवश्यक है। इसलिए अगर आपने अभी तक जन-आधार नामांकन नहीं करवाया है, तो चिरंजीवी में रजिस्टर करने से पहले आप ई-मित्र पर जन आधार रजिस्ट्रेशन करवाएँ।

प्रश्न – 35    योजना में प्रीमियम राशि कितनी है?

इन परिवारों को कोई प्रीमियम नहीं देना है क्योंकि इनका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार दे रही है –  राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के पात्र परिवार  सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र परिवार  लघु एवं सीमांत कृषक  राज्य सरकार के सभी संविदाकर्मी  कोरोना के दौरान आर्थिक सहायता पाने वाले परिवार शेष अन्य परिवारों का भी प्रीमियम का बड़ा हिस्सा सरकार उठा रही है। उन्हें केवल 850 रुपए का वार्षिक प्रीमियम ही देना है।

प्रश्न – 36    मुझे कैसे पता लगेगा कि उसका रजिस्ट्रेशन हो गया है?

चिरंजीवी योजना में रजिस्ट्रेशन होने पर आपको को एक पॉलिसी-पत्र मिलता है। रजिस्ट्रेशन के बाद आप यह पॉलिसी पत्र खुद डाउनलोड कर सकते हैं या फिर ई-मित्र से डाउनलोड करवा सकते हैं।

प्रश्न – 37    इलाज की ज़रूरत पड़ने पर मुझे क्या करना है?

सभी अस्पताल चिरंजीवी से जुड़े हुये हों यह ज़रूरी नहीं है। चिरंजीवी से जुड़ा हर अस्पताल हर बीमारी का इलाज करता हो, यह भी ज़रूरी नहीं है। इसलिए इलाज की ज़रूरत पड़ने पर सबसे ज़रूरी है कि आप उस अस्पताल में ही जाएँ जो योजना से जुड़ा हुआ हो और वहाँ पर आपकी बीमारी का इलाज भी होता हो। आप किसी गलत अस्पताल में न चले जाएँ, इसलिए अस्पताल जाने से पहले योजना की वेबसाइट chiranjeevi.rajasthan.gov.in या 181 पर फोन करके उस अस्पताल की जानकारी ले लें जहां आपकी बीमारी का इलाज हो सकता है। सही अस्पताल में जाकर आपको चिरंजीवी के हैल्प डेस्क काउंटर पर चिरंजीवी-मित्र से मिलना है।

प्रश्न – 38    ये चिरंजीवी-मित्र कौन हैं?

योजना से जुड़े हर अस्पताल में आपकी मदद के लिए चिरंजीवी का हैल्प डेस्क काउंटर बनाया गया है। इस हैल्प डेस्क काउंटर पर जो कर्मचारी मौजूद हैं, इन्हें चिरंजीवी मित्र कहा जाता है। ये चिरंजीवी-मित्र आपके जन-आधार नंबर से आपके परिवार की जानकारी सिस्टम में चैक करते हैं। आपकी बायोमैट्रिक पहचान करते हैं और भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक आपकी हर संभव मदद करते हैं। अस्पताल में कोई भी समस्या होने पर आप इन्हें बता सकते हैं।

प्रश्न – 39    अस्पताल में बायोमैट्रिक मरीज को ही करना है या कोई भी सदस्य कर सकता है?

अस्पताल में भर्ती के समय बायोमैट्रिक मरीज को ही करना होता है। लेकिन इमरजेंसी हालात में मरीज के बायोमैट्रिक करने में असमर्थ होने पर या एक साल से छोटे बच्चे के मामले में मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज के अप्रूव डॉक्यूमेंट से पहचान की इस प्रक्रिया को पूरा किया जाता है।

प्रश्न – 40    ये वॉलेट क्या है?

वॉलेट एक तरह से आपके परिवार का एक पर्स (बटुआ) है जिसमें सरकार ने गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 4.5 लाख और सामान्य बीमारी के इलाज के लिए 50,000 रुपए रखे हैं। आप जैसे-जैसे इलाज करवाते रहते हैं इस पर्स से आपकी राशि कम होती रहती है।

प्रश्न – 41    क्या चिरंजीवी योजना के पात्र परिवारों को राजस्थान से बाहर इलाज का लाभ मिलने का कोई प्रावधान है? या निकट भविष्य में ऐसी कोई सुविधा मिलने की संभावना है?

यह अभी प्रक्रियाधीन है।

प्रश्न – 42    मुझे इलाज के पाँच दिन पहले और पंद्रह दिन बाद के उस बीमारी से जुड़े खर्च का रिफ़ंड कैसे मिलेगा?

आप जिस अस्पताल में भर्ती हुये हैं अगर भर्ती से पहले उसी अस्पताल में आपने दिखाया था, तो भर्ती से 5 दिन पहले तक की जांच, दवाई, डॉक्टर की फीस आदि के बिल चिरंजीवी मित्र को दे सकते हैं। इसका रिफ़ंड आपको चैक के रूप में या सीधा आपके बैंक खाते में मिल जाएगा। डिस्चार्ज होने के बाद भी अगर 15 दिन बाद तक कोई जांच, दवा आदि का खर्च होता है, तो ये बिल भी आपको चिरंजीवी मित्र को देने होते हैं। इसका रिफ़ंड भी आपको चैक के रूप में या सीधा आपके बैंक खाते में मिल जाएगा। लेकिन अगर अस्पताल में भर्ती से 5 दिन पहले आपने किसी और अस्पताल या क्लीनिक में दिखाया है या जांच करवाई है, तो इसे OPD माना जाएगा और आपको यह रिफ़ंड नहीं मिलेगा क्योंकि चिरंजीवी का लाभ IPD पर ही मिलता है।

प्रश्न – 43    चिरंजीवी से जुड़े कौन से हॉस्पिटल में कौन सा पैकेज चिन्हित है, यह जानकारी कैसे/कहाँ उपलब्ध है?

यह जानकारी योजना की वेबसाइट chiranjeevi.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है। वेबसाइट पर योजना से जुड़े अस्पतालों की ज़िलेवार सूची दी गई है। इस सूची के आखिरी कॉलम में उन इलाज और प्रोसीजर्स के बारे में बताया गया है, जो उस अस्पताल में होते हैं। आप यह जानकारी 181 पर फोन करके भी ले सकते हैं। आप किसी गलत अस्पताल में न चले जाएँ, इसलिए अस्पताल जाने से पहले आपको यह जानकारी ज़रूर लेनी है।

— By Gaurav Joshi

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